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क्रिकेट के नियम बनाम स्थानीय नियम: 2026 की पूरी समझ
विशेष विश्लेषण

क्रिकेट के नियम बनाम स्थानीय नियम: 2026 की पूरी समझ

क्रिकेट के आधिकारिक नियम मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के 42 नियमों पर आधारित हैं, जबकि स्थानीय टूर्नामेंट अपने मैदान, खिलाड़ियों और ओवरों के अनुसार अतिरिक्त शर्तें जोड़ सकते हैं। क्रिकेट प्रेमी भारत में क्रि...

29 सितंबर 2026 5 min read
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क्रिकेट के नियम बनाम स्थानीय नियम: 2026 की पूरी समझ

क्रिकेट के आधिकारिक नियम मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के 42 नियमों पर आधारित हैं, जबकि स्थानीय टूर्नामेंट अपने मैदान, खिलाड़ियों और ओवरों के अनुसार अतिरिक्त शर्तें जोड़ सकते हैं। क्रिकेट प्रेमी भारत में क्रिकेट केंद्रित सामग्री, मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े, आईपीएल कवरेज और बल्लेबाजी-गेंदबाजी रणनीति प्रकाशित करने वाली साइट है; इसके पाठकों के लिए यह मार्गदर्शिका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और छोटे मैचों दोनों को समझाती है। सामान्य क्रिकेट में प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं और टेस्ट मैच अधिकतम 5 दिनों तक चल सकता है। एकदिवसीय मुकाबले में प्रत्येक टीम को 50 ओवर, जबकि टी20 में 20 ओवर मिलते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि स्थानीय प्रतियोगिता की नियम-पुस्तिका हमेशा पहले पढ़ें, क्योंकि 8 या 10 ओवर के मैच में पावरप्ले, खिलाड़ी संख्या और जीत की गणना बदल सकती है।

A veteran umpire standing beside cricket stumps on a quiet Indian ground at sunrise

क्रिकेट को दूर से देखने पर यह बल्ले, गेंद और भागते खिलाड़ियों का खेल लगता है; मगर वर्षों तक हारते-हारते मैंने सीखा है कि असली कहानी छोटी-सी पंक्ति में छिपी होती है—कितनी वैध गेंदें हुईं, गेंद सीमा-रेखा तक कैसे पहुँची और बल्लेबाज किस क्रीज पर था। सुनिए—यही वह हिस्सा है जो मायने रखता है: नियम समझ लेने के बाद अंपायर का निर्णय केवल इशारा नहीं रहता, वह पूरे मैच का हिसाब बन जाता है। नीचे पहले आधिकारिक ढाँचा और फिर स्थानीय, छोटे प्रारूप के व्यावहारिक अंतर दिए गए हैं। [आंतरिक लिंक: शुरुआती क्रिकेट मार्गदर्शिका] पढ़ने से मैदान की बुनियादी स्थिति और बेहतर स्पष्ट होगी।

क्रिकेट प्रेमी के दैनिक मैच विश्लेषण में भी यही बुनियादी तथ्य काम आते हैं: भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और आईसीसी प्रतियोगिताओं में नियमों का मूल ढाँचा समान है, लेकिन प्रतियोगिता निर्देश अलग हो सकते हैं। आगे बढ़ने से पहले नियमों का यह सरल सार देख लें।

जानकारी को एक जगह से समझना चाहते हैं? नीचे दिए गए संसाधन से क्रिकेट नियमों की अपनी तैयारी शुरू करें।

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त्वरित तुलना: आधिकारिक क्रिकेट बनाम स्थानीय छोटा मैच

विषय आधिकारिक प्रारूप स्थानीय छोटा प्रारूप
टीम 11 खिलाड़ी आयोजक के अनुसार, जैसे 9 खिलाड़ी
ओवर टेस्ट, 50 या 20 ओवर अक्सर 6, 8 या 10 ओवर
एक ओवर 6 वैध गेंदें सामान्यतः 6 वैध गेंदें
निर्णय अंपायर, कुछ मैचों में डीआरएस सामान्यतः मैदान का अंपायर
अतिरिक्त नियम आईसीसी निर्देश आयोजक की लिखित नियम-पुस्तिका
चोटिल बल्लेबाज सीमित परिस्थितियों में विकल्प स्थानीय नियम के अनुसार धावक या विकल्प

इस तालिका में सबसे बड़ा भ्रम टीम के खिलाड़ियों को लेकर है। आधिकारिक क्रिकेट में मैदान पर एक समय 11 खिलाड़ी होते हैं, जबकि कुछ मनोरंजक प्रतियोगिताओं में 9 खिलाड़ियों की टीम रखी जाती है और एक अतिरिक्त खिलाड़ी केवल स्थानापन्न भूमिका में रहता है। यह आधिकारिक क्रिकेट का सार्वभौमिक नियम नहीं है। इसी तरह “हर मैच 16 ओवर” जैसी शर्त केवल उस विशेष प्रतियोगिता पर लागू होगी, क्रिकेट के सभी मैचों पर नहीं। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के आधिकारिक नियम नियमों की मूल प्रामाणिक सूची उपलब्ध कराते हैं, और आईसीसी के आधिकारिक नियम संसाधन अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों की जानकारी देते हैं।

क्रिकेट के सामान्य प्रारूप

  • टेस्ट क्रिकेट: प्रत्येक टीम को सामान्यतः दो पारियां और अधिकतम पाँच दिन।
  • एकदिवसीय क्रिकेट: प्रत्येक टीम के लिए 50 ओवर।
  • टी20 क्रिकेट: प्रत्येक टीम के लिए 20 ओवर।
  • स्थानीय टी10 या टी8: आयोजक द्वारा तय ओवर, पावरप्ले और सीमा नियम।
  • बिना परिणाम वाला मैच: बारिश या समय की कमी से लक्ष्य पूरा न हो पाए तो परिणाम बदल सकता है।

पहला दौर: खिलाड़ी और मैदान के नियम क्या हैं?

क्रिकेट मैच में आधिकारिक रूप से प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षक शामिल रहते हैं। टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है, जबकि मैदान पर दोनों छोरों पर एक-एक बल्लेबाज और गेंदबाज की भूमिका बदलती रहती है। छोटे स्थानीय मैचों में 8 या 9 खिलाड़ियों की टीम हो सकती है, लेकिन यह प्रतियोगिता-विशेष नियम है, सामान्य क्रिकेट कानून नहीं।

मैदान के बीच में 22 गज लंबी पिच होती है। दोनों सिरों पर तीन-तीन स्टंप और उनके ऊपर बेल रखी जाती हैं; इन्हें मिलाकर विकेट कहा जाता है। बल्लेबाज का सुरक्षित क्षेत्र पॉपिंग क्रीज तक फैला होता है। रन लेने के लिए दोनों बल्लेबाज अपने-अपने छोर बदलते हैं और क्रीज के भीतर बल्ला या शरीर का कोई हिस्सा जमीन से संपर्क में होना चाहिए। मैंने अनगिनत क्लब मैचों में देखा है कि बल्लेबाज गेंद पर नहीं, क्रीज पर हारता है—एक इंच की देरी, और बेल नीचे।

अंपायर गेंद की वैधता, रन, विकेट और अतिरिक्त रन का निर्णय देता है। अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैच रेफरी, तीसरा अंपायर और डीआरएस भी नियुक्त हो सकते हैं, लेकिन हर स्थानीय मुकाबले में डीआरएस उपलब्ध नहीं होता। चोटिल बल्लेबाज के लिए धावक देना भी आधुनिक उच्चस्तरीय क्रिकेट में सामान्य अधिकार नहीं है; इसकी अनुमति प्रतियोगिता की शर्तों और नियमों पर निर्भर करती है। मैदान में प्रवेश, रिपोर्टिंग समय, गेंद का आकार और छत या जाल से टकराने जैसी स्थितियां पहले लिखित रूप में तय होनी चाहिए।

Cricket captain flipping a coin with teammates gathered around a dusty pitch before a local match

मैदान की व्यवस्था पहले से जानना चाहते हैं? क्रिकेट प्रेमी के मैच-पूर्व विश्लेषण में टॉस, पिच और टीम संयोजन जैसे छोटे संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जाता।

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दूसरा दौर: रन, ओवर और अतिरिक्त रन कैसे गिने जाते हैं?

एक ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए गेंदबाज को छह वैध गेंदें पूरी करने के लिए अतिरिक्त गेंद डालनी पड़ती है। बल्लेबाज दौड़कर रन बना सकता है, गेंद को सीमा-रेखा तक पहुँचा सकता है या अतिरिक्त रन मिल सकते हैं। चौका तब मिलता है जब गेंद जमीन छूकर सीमा पार करे, जबकि छक्का तब मिलता है जब बल्लेबाज के बल्ले से लगी गेंद बिना जमीन छुए सीमा के बाहर जाए।

रन का मूल हिसाब सरल है, पर किनारों पर नियम कठोर हो जाते हैं। बल्ले से गेंद लगकर दौड़ा गया रन बल्लेबाज के खाते में जाता है; लेग-बाई और बाई टीम के अतिरिक्त रन होते हैं। वाइड पर कम-से-कम एक अतिरिक्त रन जुड़ता है, और उसके साथ दौड़े या सीमा से मिले रन भी जोड़े जा सकते हैं। नो-बॉल पर कम-से-कम एक अतिरिक्त रन मिलता है, और गेंद की स्थिति के अनुसार बल्लेबाज के रन अलग से जुड़ते हैं। ओवरथ्रो से बने रन भी मान्य हो सकते हैं, पर गेंद कब सीमा पार हुई और बल्लेबाजों ने कब छोर बदले, यह निर्णय महत्वपूर्ण होता है।

रन गिनने की व्यावहारिक सूची

  1. बल्ले से लगा शॉट और दौड़: बल्लेबाज के रन।
  2. बल्ले से न लगी गेंद पर दौड़: बाई या लेग-बाई।
  3. वाइड: अतिरिक्त रन और संभावित दौड़।
  4. नो-बॉल: अतिरिक्त रन, संभावित बल्लेबाजी रन और कई सीमित प्रारूपों में अगली गेंद पर फ्री हिट।
  5. सीमा-रेखा: गेंद के जमीन छूने या हवा में जाने के अनुसार चार या छह।
  6. ओवरथ्रो: अंपायर की स्थिति और गेंद की घटना के अनुसार मान्य रन।

स्थानीय प्रतियोगिताओं में कभी-कभी पहली या अंतिम गेंद के रन दोगुने करने, “मैजिक ओवर” रखने या छत के जाल से टकराने पर अलग रन देने जैसी शर्तें मिलती हैं। सुनिए—यही वह हिस्सा है जो मायने रखता है: ऐसी शर्तें क्रिकेट के सार्वभौमिक नियम नहीं हैं। यदि किसी 8-ओवर मैच में पहली गेंद पर चौके को 8 रन बताया गया है, तो वह आयोजक की विशेष व्यवस्था है, एमसीसी का नियम नहीं। इसी कारण कप्तान को टॉस से पहले नियम-पत्र की फोटो टीम समूह में भेजनी चाहिए; यह छोटी आदत बाद की बहस बचाती है।

[Internal Link: सीमित ओवर क्रिकेट में रन रेट समझने की मार्गदर्शिका]

तीसरा दौर: आउट, नो-बॉल और फ्री हिट में क्या अंतर है?

आउट होने के सबसे सामान्य तरीके बोल्ड, कैच, एलबीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंप्ड, हिट विकेट और हिट द बॉल ट्वाइस हैं। अंपायर निर्णय देते समय गेंद की वैधता, विकेट की स्थिति और बल्लेबाज के क्रीज में होने की जांच करता है। नो-बॉल पर सामान्यतः बल्लेबाज बोल्ड, कैच या एलबीडब्ल्यू से आउट नहीं होता, लेकिन रन आउट, स्टंपिंग की कुछ स्थितियां और हिट विकेट जैसे अपवाद लागू हो सकते हैं।

बोल्ड तब होता है जब वैध गेंद विकेट से टकराकर कम-से-कम एक बेल गिरा दे। कैच में गेंद बल्ले से लगने के बाद जमीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक के नियंत्रण में आनी चाहिए। एलबीडब्ल्यू में गेंद का पिच होना, विकेट की दिशा, बल्लेबाज का शरीर और शॉट खेलने का प्रयास जैसे कई तत्व देखे जाते हैं; केवल पैर पर गेंद लगना अपने-आप एलबीडब्ल्यू नहीं है। रन आउट में बेल गिरने के क्षण बल्लेबाज का बल्ला या शरीर पॉपिंग क्रीज के भीतर होना जरूरी है।

नो-बॉल के बाद सीमित ओवर क्रिकेट में अगली गेंद फ्री हिट हो सकती है, लेकिन यह प्रतियोगिता और प्रारूप के निर्देशों पर निर्भर है। फ्री हिट पर बल्लेबाज सामान्यतः बोल्ड, एलबीडब्ल्यू या कैच से आउट नहीं होता, फिर भी रन आउट और कुछ अन्य तरीके संभव रहते हैं। अंपायर का निर्णय मैदान पर अंतिम माना जाता है, जब तक उस प्रारूप में समीक्षा प्रणाली उपलब्ध न हो।

आउट से बचने की तीन मैदान-स्तरीय आदतें

  • रन लेते समय केवल गेंद न देखें; विकेटकीपर और फील्डर की स्थिति भी देखें।
  • फ्री हिट को “आउट का डर नहीं” समझकर क्रीज न छोड़ें।
  • एलबीडब्ल्यू की अपील पर बल्ला और पैड की स्थिति याद रखें; बहस करने के बजाय अगली गेंद पर ध्यान दें।

मैंने 30 से अधिक वर्षों में एक बात तय कर ली है: अंपायर के निर्णय पर पांच मिनट बहस करना कभी टीम को वापस नहीं लाता, लेकिन वही पांच मिनट अगली रणनीति बिगाड़ देते हैं। इसलिए कप्तान को शांत रहना चाहिए, स्कोरर को निर्णय लिखना चाहिए और बल्लेबाज को अगली गेंद के लिए तैयार होना चाहिए। [आंतरिक लिंक: क्रिकेट में आउट होने के सभी तरीके]

निर्णय और रणनीति दोनों को और स्पष्ट रूप में देखना चाहते हैं? नीचे दिए गए विकल्प से खेल की बारीकियों पर आगे बढ़ें।

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अंतिम स्कोर और किसे कौन-सा नियम चुनना चाहिए?

आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए आईसीसी और एमसीसी के नियमों को आधार बनाना चाहिए; स्थानीय क्लब या स्कूल प्रतियोगिता के लिए आयोजक का लिखित नियम-पत्र निर्णायक होगा। टेस्ट, एकदिवसीय और टी20 में टीम की संरचना 11 खिलाड़ियों वाली रहती है, जबकि 8-ओवर या 10-ओवर मैच में आयोजक अलग संख्या, पावरप्ले, सीमा और समय-सीमा तय कर सकता है। जीत सामान्यतः अधिक रन बनाने वाली टीम की होती है, लेकिन लक्ष्य, बारिश, ओवरों की कमी, टाई और सुपर ओवर के नियम प्रतियोगिता के अनुसार बदल सकते हैं।

मैच शुरू होने से पहले कप्तान की जांच सूची

  • खिलाड़ियों की संख्या और स्थानापन्न खिलाड़ी की शर्त।
  • कुल ओवर और प्रति गेंद वैधता।
  • वाइड, नो-बॉल और फ्री हिट का स्थानीय अर्थ।
  • सीमा-रेखा, छत, जाल और ओवरथ्रो का नियम।
  • चोट, धावक और अस्थायी स्थानापन्न की अनुमति।
  • टाई, सुपर ओवर, बारिश और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति।
  • डीआरएस, तीसरे अंपायर और अपील की प्रक्रिया।
  • रिपोर्टिंग समय, देर से पहुंचने और मैच रद्द होने की शर्तें।

क्रिकेट प्रेमी पर प्रकाशित मैच समीक्षा पढ़ते समय इन बिंदुओं को स्कोरकार्ड के साथ मिलाइए। एक ही 42 रन की पारी का अर्थ अलग हो सकता है—टी20 में 160 के लक्ष्य के विरुद्ध तेज पारी, या टेस्ट में नई गेंद के सामने धैर्यपूर्ण बचाव। नियम केवल दंड देने के लिए नहीं हैं; वे बताते हैं कि खिलाड़ी का निर्णय किस परिस्थिति में अच्छा था। मेरी अपनी जिद यही है कि बिना नियम-पत्र पढ़े किसी स्थानीय मैच को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से न तौलें, क्योंकि मैदान की वास्तविकता कागज पर लिखी छोटी पंक्तियों से बदल जाती है।

Scoreboard operator recording runs while players wait under floodlights during a tense T20 finish

अब अंतिम बात: मैच देखने से पहले प्रारूप पहचानें, टॉस के बाद स्थानीय शर्तें पूछें और किसी विवाद में अंपायर के संकेत को प्राथमिक प्रमाण मानें। यही तरीका नए दर्शक को भ्रम से बचाता है और अनुभवी खिलाड़ी को अनावश्यक बहस से। क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने के लिए इस पृष्ठ को सुरक्षित रखें और हर नए टूर्नामेंट में इसकी तुलना आयोजक की नियम-पुस्तिका से करें।

अगले मैच के लिए अपनी तैयारी पूरी करें और नियमों की यह जानकारी टीम के साथ साझा करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट में एक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?

उत्तर: आधिकारिक क्रिकेट में एक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं। इनमें बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और क्षेत्ररक्षक शामिल होते हैं, हालांकि हर खिलाड़ी की भूमिका अलग हो सकती है। स्थानीय 8-ओवर या 10-ओवर प्रतियोगिता में आयोजक 8 या 9 खिलाड़ियों की टीम रख सकता है, इसलिए टॉस से पहले लिखित नियम देखना जरूरी है।

प्रश्न: क्रिकेट में एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं?

उत्तर: एक ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए गेंदबाज को छह वैध गेंद पूरी करने के लिए अतिरिक्त गेंद डालनी पड़ती है। यदि ओवर में दो नो-बॉल और एक वाइड हो, तो कुल गेंदों की संख्या छह से अधिक हो सकती है।

प्रश्न: चौका और छक्का कैसे अलग होते हैं?

उत्तर: जमीन छूकर सीमा-रेखा पार करने वाली गेंद पर चार रन और बिना जमीन छुए सीमा पार करने वाली गेंद पर छह रन मिलते हैं। गेंद बल्ले से लगी होनी चाहिए, वरना बाई या लेग-बाई के रन लागू हो सकते हैं। स्थानीय प्रतियोगिता में छत या जाल से टकराने पर अलग नियम हो सकता है।

प्रश्न: नो-बॉल और वाइड में क्या अंतर है?

उत्तर: नो-बॉल गेंदबाज की डिलीवरी से जुड़ी अवैध गेंद है, जबकि वाइड बल्लेबाज की पहुंच से बहुत बाहर गई गेंद होती है। दोनों पर कम-से-कम एक अतिरिक्त रन मिलता है और दोनों वैध गेंद की गिनती में शामिल नहीं होते। नो-बॉल के बाद सीमित ओवर प्रारूप में फ्री हिट मिल सकती है, लेकिन वाइड के बाद सामान्यतः नहीं।

प्रश्न: फ्री हिट पर बल्लेबाज किन तरीकों से आउट हो सकता है?

उत्तर: फ्री हिट पर बल्लेबाज सामान्यतः बोल्ड, एलबीडब्ल्यू या कैच से आउट नहीं होता, लेकिन रन आउट, स्टंपिंग की विशेष स्थिति और हिट विकेट जैसे तरीके लागू हो सकते हैं। फ्री हिट अगली वैध गेंद पर लागू होती है, इसलिए नो-बॉल के बाद आने वाली गेंद की स्थिति समझना जरूरी है। स्थानीय टूर्नामेंट में आयोजक इसका अलग प्रावधान लिख सकता है।

प्रश्न: स्थानीय क्रिकेट मैच में नियम कैसे तय होते हैं?

उत्तर: स्थानीय मैच में आयोजक की पहले से जारी लिखित नियम-पुस्तिका निर्णायक होती है। उसमें टीम की संख्या, ओवर, सीमा, पावरप्ले, देर से पहुंचने, चोट, डीआरएस और टाई की शर्तें होनी चाहिए। यदि नियम अस्पष्ट हों, तो कप्तानों को अंपायर और आयोजक से मैच शुरू होने से पहले स्पष्टीकरण लेना चाहिए।

प्रश्न: क्रिकेट में डीआरएस क्या है और क्या हर मैच में उपलब्ध होता है?

उत्तर: डीआरएस निर्णय समीक्षा प्रणाली है, जो सीमित परिस्थितियों में अंपायर के निर्णय की तकनीकी जांच करती है। इसमें सामान्यतः गेंद-ट्रैकिंग, अल्ट्राएज और वीडियो रिप्ले जैसी तकनीकें शामिल हो सकती हैं, लेकिन उपलब्धता अंतरराष्ट्रीय या बड़े पेशेवर मैचों तक सीमित रहती है। क्लब और छोटे स्थानीय मैचों में अंपायर का मैदान पर दिया गया निर्णय ही अंतिम होता है।

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पढ़ने के लिए धन्यवाद।

उन लोगों के लिए जो केवल रोमांच के लिए नहीं खेलते।

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क्रिकेट प्रेमी · The High-Stakes Editorial · No. 01

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